27 जून 2026 शनि प्रदोष व्रत: शनि दोष शांति का प्रभावी उपाय
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता […]
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता […]
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का राशि परिवर्तन जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डालता है। वर्ष 2026 में 20
सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ तिथि मानी जाती है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती
गंगा दशहरा हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की
वैशाख मास की कृष्ण अष्टमी यानी कालाष्टमी (काल भैरव अष्टमी) 9 मई 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान
5 मई 2026, मंगलवार को वैशाख कृष्ण चतुर्थी को अंगारक चतुर्थी मनाई जाएगी। जब चतुर्थी तिथि मंगलवार को पड़ती है,
2 अप्रैल 2026 को मंगल ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेगा और वहां पहले से मौजूद शनि के साथ शनि-मंगल
28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर भौम प्रदोष व्रत (मंगल प्रदोष या भौम प्रदोष)
क्या आप भी जीवन की बाधाओं, शत्रु भय, स्वास्थ्य समस्या या मानसिक अशांति से परेशान हैं? तो 10 अप्रैल 2026