मंगल-केतु युति और अंगारक दोष: प्रभाव, लक्षण और अचूक निवारण उपाय
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का योग व्यक्ति के जीवन को गहराई से प्रभावित करता है। इनमें से मंगल और केतु
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का योग व्यक्ति के जीवन को गहराई से प्रभावित करता है। इनमें से मंगल और केतु
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना गया है। जब
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख, विवाह, कला, विलासिता, धन और आकर्षण का कारक माना जाता
गंगा दशहरा हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की
वैशाख मास की कृष्ण अष्टमी यानी कालाष्टमी (काल भैरव अष्टमी) 9 मई 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान
5 मई 2026, मंगलवार को वैशाख कृष्ण चतुर्थी को अंगारक चतुर्थी मनाई जाएगी। जब चतुर्थी तिथि मंगलवार को पड़ती है,
2 अप्रैल 2026 को मंगल ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेगा और वहां पहले से मौजूद शनि के साथ शनि-मंगल
28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर भौम प्रदोष व्रत (मंगल प्रदोष या भौम प्रदोष)
क्या आप भी जीवन की बाधाओं, शत्रु भय, स्वास्थ्य समस्या या मानसिक अशांति से परेशान हैं? तो 10 अप्रैल 2026