भारतीय शीर्ष स्थान जहाँ होती है पितृ पूजा: श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए सबसे पवित्र तीर्थ
भारत के ये आठ पितृ पूजा स्थल — कुरूक्षेत्र, पुष्कर, नासिक, प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, गया और नैमिषारण्य — पितृ पक्ष […]
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उज्जैन भारत का एक ऐसा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक शहर है जिसे “भूगोल और ब्रह्मांड का केंद्र” माना जाता है। हिंदू
वैदिक ज्योतिष में अधिकांश लोग कालसर्प दोष, मांगलिक दोष, पितृ दोष और गुरु चांडाल योग के बारे में जानते हैं,
2026 में नाग पंचमी का पर्व सोमवार, 17 अगस्त को मनाया जाएगा। यह सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी
5 दिसंबर 2026 को होने वाला राहु-केतु का मकर-कर्क राशि गोचर एक ऐतिहासिक और कर्मिक परिवर्तन का संकेत है। यह
2 दिसंबर 2026 को होने वाला बुध का वृश्चिक राशि प्रवेश एक शक्तिशाली और रूपांतरणकारी खगोलीय घटना है। यह गोचर
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, दांपत्य सुख, आकर्षण, विलासिता, सौंदर्य, कला, संगीत, फैशन, वाहन, संपन्नता और सामाजिक संबंधों
वर्ष 2026 में कालभैरवाष्टमी जिसे महाकाल भैरवाष्टमी या कालभैरव जयंती भी कहा जाता है, मंगलवार, 1 दिसंबर को मनाई जाएगी।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख, सौंदर्य, विलासिता, कला, संगीत, फैशन, वाहन, भौतिक सुख, धन और