27 जून 2026 शनि प्रदोष व्रत: शनि दोष शांति का प्रभावी उपाय
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता […]
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता […]
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का राशि परिवर्तन जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डालता है। वर्ष 2026 में 20
सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ तिथि मानी जाती है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती
16 फ़रवरी 2026 का पंचांग महत्व 16 फ़रवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस
ज्योतिष शास्त्र में जब चार प्रमुख ग्रह एक ही राशि में एकत्र हो जाते हैं, तो इसे चतुर ग्रही योग
16 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र कृष्ण त्रयोदशी पर सोम प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत
23 फरवरी 2026 को मंगल ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर करीब 40 दिन
रविवार को फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। यह रात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि शिव-शक्ति के मिलन का
10 जनवरी 2026, शनिवार को माघ मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी यानी कालाष्टमी (काल भैरव अष्टमी) मनाई जाएगी। यह दिन