जन्मकुंडली में उपस्थित पितृ दोष को कैसे पहचानें और इस दोष को कैसे दूर करें?
पितृ दोष कोई श्राप नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की अधूरी इच्छाओं का संकेत है। यदि समय पर श्राद्ध, तर्पण, और […]
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ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति का जीवन तीन माध्यमों से जाना जा सकता है कुंडली (Horoscope), हस्तरेखा (Palmistry) और अंकशास्त्र (Numerology)।
ज्योतिष विज्ञान में व्यक्ति की जन्मकुंडली उसके जीवन का मुख्य हिस्सा मानी जाती है। लेकिन क्या हो जब जन्मतिथि, समय
भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावी और दिव्य मार्ग है रुद्राभिषेक। यह पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं बल्कि
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दत्त पूर्णिमा, जिसे श्री दत्तात्रेय जयंती के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि
29 नवंबर 2025 को जब बुध मार्गी होगा, तो जीवन के कई क्षेत्र पुनः गतिशील होंगे। यह दिन नए आरंभ,
कालभैरव भगवान शिव का उग्र और रक्षक रूप हैं। जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश शिव की निंदा की, तब शिव
वक्र ग्रह (Vakri graha) वह स्थिति होती है जब ग्रह पृथ्वी से ऐसा दिखाई दे कि वह पीछे की ओर