चतुर ग्रही योग: मकर–कुंभ राशि में उथल-पुथल का संकेत
ज्योतिष शास्त्र में जब चार प्रमुख ग्रह एक ही राशि में एकत्र हो जाते हैं, तो इसे चतुर ग्रही योग
ज्योतिष शास्त्र में जब चार प्रमुख ग्रह एक ही राशि में एकत्र हो जाते हैं, तो इसे चतुर ग्रही योग
जब चैत्र कृष्ण त्रयोदशी सोमवार को पड़ती है, तो सोम प्रदोष व्रत मनाया जाता है। सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष
23 फरवरी 2026 को मंगल ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर करीब 40 दिन
रविवार को फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। यह रात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि शिव-शक्ति के मिलन का
10 जनवरी 2026, शनिवार को माघ मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी यानी कालाष्टमी (काल भैरव अष्टमी) मनाई गई थी। यह
मंगल का मकर राशि में प्रवेश जीवन में स्थिरता, सफलता और कर्मफल देने वाला गोचर है। यदि इस समय सही
भारत में अनेक तीर्थस्थल हैं, लेकिन उज्जैन का स्थान सबसे अलग और दिव्य माना जाता है। यह केवल एक धार्मिक
आज के समय में कर्ज़ (Loan) या ऋण जीवन का सबसे बड़ा बोझ बन जाता है। कई बार व्यक्ति सारी
मकर संक्रांति क्या है? इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व क्या है? मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य देव धनु