दत्त पूर्णिमा 23 दिसंबर 2026: तिथि, मुहूर्त और श्री दत्तात्रेय उपासना
दत्त पूर्णिमा, जिसे श्री दत्तात्रेय जयंती के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि
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जब बुध मार्गी होता है, तो जीवन के कई क्षेत्र पुनः गतिशील होते हैं। यह दिन नए आरंभ, पुराने संवादों
कालभैरव भगवान शिव का उग्र और रक्षक रूप हैं। जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश शिव की निंदा की, तब शिव
वक्र ग्रह (Vakri graha) वह स्थिति होती है जब ग्रह पृथ्वी से ऐसा दिखाई दे कि वह पीछे की ओर
प्रदोष काल, सूर्यास्त के बाद का शुभ समय, हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा और ग्रह दोष निवारण के
दिवाली, हिंदू धर्म का सबसे प्रिय और भव्य त्यौहार है जो प्रकाश, समृद्धि और सुख का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि, देवी दुर्गा की आराधना का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस पावन अवसर पर नवचंडी पाठ का विशेष
चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक दुर्लभ खगोलीय और ज्योतिषीय घटना होती है, जिसके दौरान ग्रहण दोष का प्रभाव सबसे अधिक
कलियुग, जिसे हम वर्तमान युग के रूप में जानते हैं, वह चार युगों (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, और कलियुग) में से